4. रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

 रासायनिक प्रतिक्रियाएँ समझना: 10वीं कक्षा विज्ञान के लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका। रासायनिक प्रतिक्रियाओं के मूलभूत सिद्धांतों, प्रकारों, समीकरणों के संतुलन और प्रतिक्रिया दरों को जानें। व्यावहारिक उदाहरणों और प्रयोगों के माध्यम से गहराई से समझ प्राप्त करें और विज्ञान में शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए तैयार हों।


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Mastering Chemical Reactions: A Comprehensive Guide for 10th Grade Science. Explore the fundamentals of chemical reactions, including types, balancing equations, and reaction rates. Learn through practical examples and experiments to gain a deep understanding of the processes that drive the transformation of matter, preparing you for academic excellence in science.

                   

1. निम्नलिखित अभिक्रिया का नाम बताइए ?

ab + cd → ad + cb                         [jac 2017(a)

उत्तर : द्वि-विस्थापन


2. 2h₂ + o₂ → 2h₂o में अभिक्रिया के प्रकार की पहचान करे ! jac 2018 (a)

उत्तर : विद्युत वियोजन अभिक्रिया


3. श्वसन कैसी रासायनिक अभिक्रिया है?[jac 2019 (a)

उत्तर : ऊष्माक्षेपी


4. रासायनिक अभिक्रिया fe+cuso₄ → feso₄+cu किस प्रकार की अभिक्रिया है?                                        [jac 2020 (a

उत्तर : विस्थापन अभिक्रिया


5. उस अभिक्रिया को क्या कहते हैं, जिसमें अभिकारक सरल प्रतिफलों में परिवर्तित हो जाता है ?

उत्तर : अपघटन अभिक्रिया


6. उस अभिक्रिया का नाम बताएँ जिसमें दो या अधिक अभिकारक परस्पर संयोग करके एक प्रतिफल बनाते हैं ?

उत्तर : रासायनिक अभिक्रिया


7. शरीर में भोजन का पाचन कैसी अभिक्रिया है ?

उत्तर : वियोजन अभिक्रिया


8. दैनिक जीवन में ऑक्सीकारक के प्रभाव अभिक्रियाओं का उदाहरण दें ?

उत्तर : संक्षारण एवं विकृतगंधिता


9. एक ऐसे यौगिक का नाम बताएँ जो उपचायक एवं अपचायक दोनों जैसा कार्य करता है ?

उत्तर : SO₄


10. निम्नलिखित समीकरण में कौन-सा पदार्थ उपचायक है ?           

         H₂S + I₂ → 2HI + S

उत्तर : I₂ 

11. लोहे के संक्षारण में कौन-सी रासायनिक अभिक्रिया होती है ? 

उत्तर : उपचयन


12. उपचयन को रोकने वाले पदार्थों को क्या कहते हैं ?

उत्तर : प्रतिउपचायक / प्रति ऑक्सीकारक



13. लोहे पर जंग लगने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं ?

उत्तर : संक्षारण


14. आलू चिप्स की थैली में कौन-सी गैस भरी रहती है ?

उत्तर : नाइट्रोजन


15. भोजन के पाचन द्वारा किस प्रकार की अभिक्रिया हमारे शरीर में होती है ?

उत्तर : वियोजन


16. तेल के एक ताजा नमूने को अधिक दिनों तक सुरक्षित रखने के लिए किस गैस का उपयोग किया जाता है ?

उत्तर : नाइट्रोजन


17. निम्नलिखित समीकरण का संतुलित रूप लिखें ?   

           AI + H₂SO₄ → AI (SO₄)₃ + H₂

उत्तर : 2AI + 3H₂SO₄ → Al₂(SO₄)₃ + 3H₂

                    


18. उस अभिक्रिया का नाम बताएँ जिसमें दो अभिकारक आयनों का अदला बदली करते हैं ?

उत्तर : द्वि-विस्थापन


19. क्या कॉपर (ताँबा) आयरन (लोहा) से अधिक क्रियाशील है ?

उत्तर : नहीं। कॉपर आयरन से कम क्रियाशील है


20. दूध से दही बनना कैसा परिवर्तन कहलाता है

उत्तर : रासायनिक परिवर्तन ?


21. उस अभिक्रिया का नाम बताएँ जिसमें किसी पदार्थ से ऑक्सीजन निष्कासित होती है ?

उत्तर : अपचयन


22. उस अभिक्रिया का नाम बताएँ जिसमें किसी पदार्थ में ऑक्सीजन जुड़ती है ?

उत्तर : उपचयन


23. हमारे शरीर में भोजन का पचना किस प्रकार की अभिक्रिया है ?

उत्तर : उपचयन अभिक्रिया

24. 2h₂ (g) + o₂ (g) → 2h₂o (i) + ऊष्मा, कौन-सी अभिक्रिया है ?

उत्तर : ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया


25. n₂ (g) + o₂ (g) → 2no (g)- ऊष्मा, कौन-सी अभिक्रिया है ?

उत्तर : ऊष्माशोषी अभिक्रिया




               2 अंक स्तरीय प्रश्न








1. रासायनिक समीकरण क्या है? एक उदाहरण देकर समझाएँ।

उत्तर : किसी रासायनिक प्रतिक्रिया में भाग लेनेवाले पदार्थों के संकेतों एवं सूत्रों की सहायता से उस प्रतिक्रिया का संक्षिप्त निरूपण रासायनिक समीकरण कहलाता है।

उदाहरण- H₂ + Cl₂→ HCI


2. संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है? इसका एक उदाहरण दें।

उत्तर : संतुलित रासायनिक समीकरण वह है जिसमें समीकरण के दोनों ओर प्रत्येक तत्त्व के परमाणुओं की संख्या समान होती है। उदाहरणार्थ,

H₂ + Cl₂ → 2HCI

हाइड्रोजन क्लोरीन हाइड्रोजन क्लोराइड 

चूँकि इसमें दोनों ओर हाइड्रोजन एवं क्लोरीन में प्रत्येक के परमाणुओं की संख्या 2 है, अतः यह एक संतुलित रासायनिक समीकरण है।

3. एक भूरे रंग का चमकदार तत्त्व X को वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर वह काले रंग का हो जाता है। इस तत्त्व X एवं उस काले रंग के यौगिक का नाम बताएँ।

उत्तर : यह तत्त्व X कॉपर है क्योंकि कॉपर ही एक भूरे रंग का चमकदार तत्त्व है जो वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर काले रंग का हो जाता है, क्योंकि यह O₂ के साथ अभिक्रिया करके कॉपर ऑक्साइड बनाता है।

                         

2Cu(s) + O₂ ___ ऊष्मा→ 2CuO(s)


4. ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? सोदाहरण समझाएँ।

उत्तर : वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनके घटित होने के फलस्वरूप ऊष्मा-ऊर्जा का उत्सर्जन होता है, ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहलाती हैं।

उदाहरणार्थ,

CH₄ (g) + 2O₂(g) ____दहन→ 2H₂O (I) + CO₂(g) + ऊष्मा-ऊर्जा

मेथेन   ऑक्सीजन               जल        कार्बन डाइऑक्साइड

वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनके घटित होने के फलस्वरूप ऊष्मा-ऊर्जा का अवशोषण होता है, ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ कहलाती हैं। उदाहरणार्थ,

    N₂(g) + O₂(g) _________ → 2NO(g) ―ऊष्मा-ऊर्जा

नाइट्रोजन    ऑक्सीजन                 नाइट्रिक ऑक्साइड










5. श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं? वर्णन कीजिए।

उत्तर : जीवित रहने के लिए हमें ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यह ऊर्जा हमें भोजन से प्राप्त होती है। पाचन क्रिया के दौरान खाद्य पदार्थ छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाता है। जैसे चावल, आलू तथा ब्रेड में कार्बोहाइड्रेट होता है। इन कार्बोहाइड्रेट के टूटने से ग्लूकोज प्राप्त होता है। यह ग्लूकोज हमारे शरीर के कोशिकाओं में मौजूद ऑक्सीजन से मिलकर हमें ऊर्जा प्रदान करता है। श्वसन इस अभिक्रिया का विशेष नाम है।

6. किसी पदार्थxके विलयन का उपयोग सफेदी करने के लिए होता है।

(i) पदार्थ x का नाम तथा इसका सूत्र लिखें।

(ii) ऊपर (i) में लिखे पदार्थx की जल के साथ अभिक्रिया लिखें।

उत्तर : (i) X का नाम कैल्सियम ऑक्साइड CaO है।

(ii) CaO (s)+H₂O (I) → Ca(OH)₂ (aq) + ऊष्मा


7. वियोजन या अपघटन अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? एक उदाहरण दीजिए।

उत्तर : वियोजन वह रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें किसी यौगिक के बड़े अणु के टूटने से उसके गुण से बिलकुल भिन्न गुण वाले दो या अधिक सरल यौगिक बनते हैं। मानव शरीर में भोजन का पचना एक अपघटन अभिक्रिया है।

उदाहरणार्थ,

                        

(i) CaCO₃(s) ____Δ,अपघटन→ CaO(s) + CO₂(g)


(ii) 2KCIO₃(s) ___Δ, अपघटन→ 2KCI(s) + 3O₂(g)


8. वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत क्यों कहा जाता है? इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए। [JAC 2014(A)]

उत्तर : संयोजन अभिक्रिया में दो या दो से अधिक पदार्थ मिलकर एक नया पदार्थ प्रदान करता है। वियोजन अभिक्रिया, संयोजन अभिक्रिया के विपरीत होती हैं। वियोजन अभिक्रिया में एकल पदार्थ वियोजित होकर दो या दो से अधिक पदार्थ प्रदान करता है।

संयोजन अभिक्रिया के उदाहरण-

(i) 2Mg(s) + O₂(8) → 2MgO(s)

(ii) CaO(s) + H₂O(I) + Ca(OH)₂(aq)

वियोजन अभिक्रिया के उदाहरण-

                     CaCO₃ (s) ___ऊष्मा→ CaO(s) + CO₂


9. उन वियोजन अभिक्रियाओं के एक-एक समीकरण लिखें जिनमें ऊष्मा,प्रकाश एवं विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है। [JAC 2010 (A)]

उत्तर : (i) वियोजन अभिक्रिया जिसमें ऊष्मा का प्रयोग होता है

                     CaCO₃ (s) ___ऊष्मा→CaO(s) + CO₂(g)


(ii) कैल्सियम कार्बोनट क्विक लाइम कार्बन डाइऑक्साइड (2) वियोजन क्रिया जिसमें प्रकाश का प्रयोग किया जाता है

2AgCl₂ (s) _____प्रकाश ऊर्जा→ 2Ag(s) + Cl₂(g)


(iii) वियोजन क्रिया जिसमें विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है

H₂O(I) ______विद्युत अपघटन→ 2H₂O(g)+ O₂(g)



10. द्विविस्थापन अभिक्रिया क्या है? एक उदाहरण देकर समझाएँ।

उत्तर : द्विविस्थापन या उभय-विस्थापन अभिक्रिया वह है जिसमें दो यौगिक अपने आयनों का आदान-प्रदान या विनिमय (exchange) करके दो नए यौगिकों का निर्माण करते हैं।

उदाहरण―सोडियम क्लोराइड के विलयन में सिल्वर नाइट्रेट का विलयन डालने पर Ag⁺ और CI⁻ की अभिक्रिया से AgCI के अवक्षेप का निर्माण होता है। Na⁺ और NO₃⁻ की अभिक्रिया से एक अन्य उत्पाद सोडियम नाइट्रेट भी बनता है जो विलयन में ही रहता है। चूंकि इसमें अवक्षेप बनता है, अतः यह अवक्षेपण अभिक्रिया भी कहलाती है।

                  Na⁺ Cl⁻ + Ag⁺ NO₃⁻ → AgCl↓ + NaNO₃


11. अवेक्षपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? सोदाहरण समझाएँ।

उत्तर : वैसी अभिक्रिया जिसमें दो यौगिकों के जलीय विलयनों को परस्पर मिश्रित करने पर विलयन से एक ठोस पदार्थ अवक्षेपित होता है, अवक्षेपण अभिक्रिया कहलाती है। अवक्षेपित पदार्थ को अवक्षेप कहते हैं। उदाहरण के लिए, जल में बेरियम क्लोराइड एवं सोडियम सल्फेट के विलयनों को आपस में मिलाने पर बेरियम सल्फेट का श्वेत अवक्षेप प्राप्त होता है।

BaCI₂(aq) + Na₂SO₄(aq) → 2NaCl(aq) + BaSO₄(s)↓

                  श्वेत अवक्षेप

12. उदासीनीकरण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? सोदाहरण व्याख्या करें।

उत्तर : अम्ल और क्षारक की अभिक्रिया के फलस्वरूप लवण एवं जल बनते हैं। अभिक्रिया निम्नांकित प्रकार से होती है।

HCl + जल → H⁺ (aq) + CI⁻ (aq)

NaOH + जल → Na⁺ (aq) + OH⁻ (aq)

H⁺ (aq)+CI⁻ (aq) + Na⁺ (aq) + OH⁻ (aq) → NaCl(aq) + H₂O(I)

                                                                              लवण जल उपर्युक्त अभिक्रिया को 'उदासीनीकरण अभिक्रिया' कहा जाता है।


13. संयोजन अभिक्रिया क्या है?

उत्तर : संयोजन वह अभिक्रिया है जिसमें दो या दो से अधिक पदार्थ (तत्व या यौगिक) परस्पर संयोग करके एक नए उत्पाद का निर्माण करते है जिसके गुण अभिकारकों के गुणों से बिलकुल भिन्न होते हैं। उदाहरणार्थ,

C (s) + O₂(g) → CO₂(g)

कार्बन    ऑक्सीजन      कार्बन डाइऑक्साइड


14. उपचयन-अपचयन अभिक्रिया क्या है?

उत्तर : उपचयन-अपचयन अभिक्रिया में उपस्थित उपचायक अपचयित होता है तथा अपचायक उपचयित होता है। अतः, उपचयन और अपचयन एक दूसरे के पूरक होते हैं तथा दोनों अभिक्रियाएँ साथ-साथ होती हैं। उदाहरणार्थ,

       ZnO + C → Zn + CO ↑

   उपचायक              अपचायक

इस अभिक्रिया में ZnO अपचयित होकर Zn तथा कार्बन उपचयित होकर CO गैस बनाता है। अतः, इसे उपचयन-अपचयन अभिक्रिया कहते हैं।


15. उपचयन एवं अपचयन अभिक्रिया को 'रेडॉक्स अभिक्रिया' कहते हैं। क्यों?

उत्तर : उपचयन एवं अपचयन अभिक्रिया साथ-साथ होती हैं। जब एक पदार्थ का अपचयन (रिडक्शन) होता है तभी दूसरे पदार्थ का अपचयन (ऑक्सिीडेशन) होता है। इसलिए इसे 'रीडॉक्स अभिक्रिया' कहते हैं।



16. लोहे की वस्तुओं को हम क्यों पेंट करते हैं?

उत्तर : पेंट करने से लोहे के पदार्थ का ऊपरी भाग छुप जाता है। वह वायु के साथ सीधे संपर्क में नहीं आता जिसके कारण उसमें जंग नहीं लगता। इसलिए पेंट करने से हम लोहे के उस पदार्थ को जंग लगने से बचा सकते हैं।


17. चिप्स की थैली में कौन-सी गैस भरी होती है, और क्यों?

उत्तर : हम जानते हैं कि विकृतगंधिता के कारण तैलीय खाद्य पदार्थ कुछ समय के पश्चात विकृतगंधी हो जाते हैं। खाद्य पदार्थों के विकृतगंधी होने की क्रिया ऑक्सीजन की उपस्थिति के कारण होती है। ऑक्सीजन की अपेक्षा नाइट्रोजन कम सक्रिय गैस है। 

अतः चिप्स की थैली में अल्प सक्रिय नाइट्रोजन से भरी होती है। यह गैस चिप्स को उपचयित होने से रोकती है। फलतः,चिप्स का स्वाद ताजा और दुर्गंधरहित बना रहता है।



18. सिल्वर के शोधन में, सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर प्राप्त करने के लिए कॉपर धातु द्वारा विस्थापन किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए अभिक्रिया लिखें।

उत्तर : सिल्वर की तुलना में कॉपर अधिक क्रियाशील होता है। इसलिए,कॉपर की एक प्लेट को सिल्वर नाइट्रेट के जलीय विलयन में डालने पर सिल्वर कॉपर द्वारा विस्थापित हो जाता है।

Cu(s) + 2AgNO₃(aq) → Cu(NO₃)₂(aq) + 2Ag(s)

इस अभिक्रिया के कारण कॉपर प्लेट की सतह पर शुद्ध सिल्वर की चमकीली परत बैठ जाती है।


19. विकृतगंधिता का क्या अर्थ है? सोदाहरण समझाएँ।

उत्तर : तैलीय या वसायुक्त खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक रखने पर वे वायु के ऑक्सीजन द्वारा उपचयित हो जाते हैं जिसके कारण उनके स्वाद एवं गंध बदल जाते हैं, अर्थात वे दुर्गधित या विकृतगंधी हो जाते हैं। इस प्रक्रिया को विकृतगंधिता कहते हैं। हम अपने घरों में देखते हैं कि शाम में बने भोजन को रातभर खुला रख देने पर वे वायु के ऑक्सीजन द्वारा उपचयित होकर दुर्गधित हो जाते हैं। इसे हम बासी भोजन कहते हैं।


20. संक्षारण से आप क्या समझते हैं?

उत्तर : संक्षारण वह रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें धातुएँ वायु, नमी या अम्ल से अभिक्रिया कर अवांछनीय पदार्थों का निर्माण करती है। उदाहरण- लोहे में जंग लगना।

21. निम्नलिखित रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए-

(a) H₂ +Cl₂ →HCl

(b) Na + O₂ → Na₂O

(c) Fe + H₂O→ Fe₃O₄ + H₂ [JAC 2017(A)]

उत्तर : (a) H₂ + Cl₂ → 2HCI

(b) 4Na + O₂ → 2Na₂O

(c)3Fe+ 4H₂O→ Fe₃O₄+4H₂


22. निम्नलिखित रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए-

(a) N₂ (g) + H₂ (g) ____गर्म→ NH₃ (g)


(b) Pb(NO₃)₂ (s) ____गर्म→ PbO(s) + NO₂ (g) + O₂ (g)


(c) Na (s) + H₂O(I) → NaOH (aq) + H₂ (g) [JAC 2016 (A)]


उत्तर : (a) N₂(g) + 3H₂(g) ____गर्म→ 2NH₃(g)


(b) 2Pb(NO₃)₂(s)_____गर्म→ 2PbO(s) + 4NO2(8) + O2(g)


(c) 2Na(s) + 2H₂O(I) → 2NaOH (aq) + H₂(g)


23. निम्नलिखित रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए-

(a) N₂ + H₂ → NH₃

(b) H₂S + O₂ → H₂O + SO₂

(c) MnO₂ + HCl → MnCl₂ + Cl₂ + H₂O [JAC 2013 (A)]

उत्तर : (a) N₂ + 3H₂ →2NH₃

(b) 2H₂S + 3O₂ → 2H₂O + 2SO₂

(c) MnO₂ + 4HCl → MnCl₂ + Cl₂ + 2H₂O


24. निम्नलिखित रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए-

(a) Pb(NO₃)₂→ Pbo + NO₂ + O₂

(b) FeSO₄→ Fe₂O₃ + SO₂ + SO₃

(c) CH₄ + O₂ → CO₂ + H₂O [JAC 2012 (A)]

उत्तर : (a) 2Pb(NO₃)₂→ 2PbO + 4NO₂ + O₂

(b) 2FeSO₄ → Fe₂O₃ + SO₂ + SO₃

(c) CH₄ + 2O₂ →CO₂ + 2H₂O


25. निम्नलिखित रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए-

(a) Ca(OH)₂ + HNO₃ → Ca(NO₃)₂ + H₂O

(b) Al + CuCl₂ → AICl₃ + Cu

(c) NaOH + H₂SO₄ → Na₂SO₄ + H₂O [JAC 2011 (A)]

उत्तर : (a) Ca(OH)₂ + 2HNO₃ → Ca(NO₃)₂ +2H₂O

(b) 2Al + 3CuCl₂ → 2AICl₃ + 3Cu

(c) 2NaOH + H₂SO₄ → Na₂SO₄+ 2H₂O

26. निम्नलिखित रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए-

(a) K+ H₂O→ KOH + H₂

(b) H₂S+O₂ → H₂O + SO₂

(c) Na + O₂ → Na₂O [JAC2009 (S)]

उत्तर : (a) 2K + 2H₂O →2KOH + H₂

(b) 2H₂S + 2O₂ → 2H₂O + 2SO₂

(c) 2Na + O₂ → 2Na₂O


27. निम्नलिखित रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए-

(a) Na + O₂ → Na₂O

(b) K+ H₂O → KOH + H₂ [JAC 2019 (A)]

उत्तर : (a) 4Na + O₂ → 2Na₂O

          (b) 2K + 2H₂O → 2KOH + H₂


28. निम्नलिखित रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए-

(a) Fe + H₂O → Fe₃O₄ + H₂

(b) N₂ + H₂ → NH₃

(c) MnO₂ + HCl → MnCl₂ + Cl₂ + H₂O [JAC 2009 (A)]

उत्तर : (a) 3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂

(b) N₂ + 3H₂ → 2NH₃

(c) MnO₂ + 4HCl → MnCl₂ + Cl₂ + 2H₂O


29. निम्नलिखित रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए-

(a) H₂ + O₂ → H₂O

(b) MnO₂ + HCl → MnCl₂ + Cl₂ + H₂O [JAC 2020 (A)]

उत्तर : (a) 2H₂ + O₂ → 2H₂O

(b) MnO₂ + 4HCI → MnCl₂ + Cl₂ + 2H₂O


30. निम्नलिखित रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए-

(a) K + H₂O → KOH + H₂

(b) H₂S + O₂ → H₂O + SO₂

(c) Na + O₂ → Na₂O

उत्तर : (a) 2K +2H₂O → 2KOH + H₂

(b) 2H₂S + 3O₂→ 2H₂O + 2SO₂

(c) 4Na + O2 → 2Na₂O


31. निम्न रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए-

(a) हाइड्रोजन + नाइट्रोजन → अमोनिया

(b) सोडियम + जल → सोडियम हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन

(c) मिथेन + ऑक्सीजन→ कार्बन डाइऑक्साइड + जल

                                                      [JAC 2018 (A)]

उत्तर : (a)3H₂ + N₂ → 2NH₃

(b) Na + H₂O → NaOH + H₂

(c) CH₄ + 2O₂ + CO₂ + 2H₂O


32. निम्न रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए-

(a) हाइड्रोजन + क्लोरीन→ हाइड्रोजन क्लोराइड

(b) बेरियम क्लोराइड + ऐलुमिनियम सल्फेट→ वेरियम सल्फेट + ऐलुमिनियम क्लोराइड

(c) सोडियम + जल → सोडियम हाइड्रोक्सॉइड + हाइड्रोजन

                                               [JAC 2010 (S)]

उत्तर : (a) H₂ + Cl₂ → 2HCI

(b) 3BaCl₂ + Al₂(SO₄)₃ → 3BaSO₄ + 2AICI₃

(c) 2Na+2H₂O → 2NaOH + H₂



33. निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए-

(a) सोडियम + जल→ सोडियम हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन

(b) कैल्सियम कार्बोनेट, कैल्सियम ऑक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड

(c) नाइट्रोजन + हाइड्रोजन → अमोनिया। [JAC 2014(A)]

उत्तर : (a) 2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂

(b) CaCO₃ + CaO + CO₂

(c) N₂ + 3H₂ → 2NH₃


34. निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए-

(a) कैल्सियम हाइड्रोक्सॉइड + कार्बन डाइऑक्साइड→ कैल्सियम काबेनिट + जल

(b) जिंक + सिल्वर नाइट्रेट → जिंक नाइट्रेट + सिल्वर

(c) ऐलुमिनियम + कॉपर क्लोराइड → ऐलुमिनियम क्लोराइड + कॉपर

(d) बेरियम क्लोराइड + पोटैशियम सल्फेट → बेरियम सल्फेट + पोटैशियम क्लोराइड

उत्तर : (a)Ca(OH)₂ +CO₂ → CaCO₃ + H₂O

(b) Zn + 2AgNO₃ → Zn(NO₃)₂ + 2Ag

(c) 2Al + 3CuCl₂ → 2AICl₃ + 3Cu

(d) BaCl₂ +K₂SO₄ → BaSO₄ + 2KCI


35. निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए एवं प्रत्येक अभिक्रिया का प्रकार बताइए-

(a) पोटैशियम ब्रोमाइड (aq) + बेरियम आयोडाइड (aq)

→ पोटैशियम आयोडाइड (aq) + बेरियम ब्रोमाइड (aq)

(b) जिंक कार्बोनट (s) → जिंक ऑक्साइड (s)+ कार्बन डाइऑक्साइड (g)

(c) हाइड्रोजन (g) + क्लोरीन (g) → हाइड्रोजन क्लोराइड (g)

(d) मैग्नीशियम (s) + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (aq)

      → मैग्नीशियम क्लोराइड (aq) + हाइड्रोजन (g)

उत्तर : (a) 2KBr(aq) + Bala(aq) → 2KI(aq) +           BaBra(aq)

अभिक्रिया-द्वि-विस्थापन

(b) ZnCO3(s) → ZnO(s) + CO2(g)

अभिक्रिया-विघटन

(c) H2(g) + Cl2(g) → 2HCI(g)

अभिक्रिया-संयोजन

(d) Mg(s) + 2HCl(aq) → MgCl2(aq) + H2(g)

अभिक्रिया-विस्थापन


36. उन वियोजन अभिक्रियाओं के एक-एक समीकरण लिखें जिसमें ऊष्मा,प्रकाश या विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है ? [JAC 2010 (A)]

उत्तर : ऊष्मीय अभिक्रिया-

CaCO₃ ______ 1000°C→ + CaO + CO₂

प्रकाशीय अभिक्रिया- 2AgCl₂ → 2Ag + Cl₂

विद्युतीय अभिक्रिया- 2H₂O → 2H₂ + O₂


37. निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखें

(i) पोटैशियम क्लोरेट को गर्म करने पर पोटैशियम क्लोराइड और ऑक्सीजन बनते हैं।

(ii) सोडियम हाइड्रॉक्साइड और सल्फ्यूरिक अम्ल परस्पर अभिक्रिया करके सोडियम सल्फेट और जल बनाते हैं।

(iii) कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड के बीच अभिक्रिया होने पर कैल्सियम कार्बनिट और जल बनते हैं

उत्तर : (i) KCIO₃ → 2KCl + 3O₂

(ii) 2NaOH + H₂SO₄ → Na₂SO₄ +2H₂O

(iii) Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃+ H₂O


38. (i) एक परखनली में रखे लेड नाइट्रेट के विलयन में पोटैशियम आयोडाइड का विलयन मिलाने पर आप क्या प्रेक्षण करेंगे?

(ii) यह अभिक्रिया किस प्रकार की है?

(iii) उपर्युक्त अभिक्रिया को प्रदर्शित करने के लिए एक संतुलित रासायनिक समीकरण लिखें।

उत्तर : (i) लेड नाइट्रेट के लिवयन में पोटैशियम आयोडाइड का विलयन मिलाने पर PbI₂ का पीला अवक्षेप प्राप्त होता है।

(ii) यह उभय-विस्थापन अभिक्रिया है।

(iii) Pb(NO₃)₂ + 2KI → PbI₂ + 2KNO₃

                                     पीला अवक्षेप

39. क्या होता है जब

(i) जिंक धातु सल्फेट के विलयन में डाली जाती है?

(ii) सिल्वर धातु कॉपर सल्फेट के विलयन में डाली जाती है?

(iii) पोटैशियम आयोडाइड का विलयन लेड ऐसीटेट के विलयन में डाला जाता है?

उत्तर : (i) जिक धातु सल्फेट के विलयन में डालने पर सल्फेट से कॉपर को जिंक विस्थापित करता है।

Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu


(ii) सिल्वर धातु कॉपर सल्फेट के विलयन में डालने पर Cu अवक्षेपित होती है।

            2Ag+2CuSO₄ → 2AgSO₄ + Cu₂


(iii) पोटैशियम आयोडाइड का विलयन लेड ऐसीटेट के लिवयन में डालने पर PbI₂ का पीला अवक्षेप प्राप्त होता है।

Pb(NO₃)₂ + 2KI → PbI₂ + 2KNO₃

                            पीला अवक्षेप

40. निम्नलिखित में से प्रत्येक के लिए एक संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए-

(a) रेडॉक्स अभिक्रिया

(b) अपघटन या वियोजन अभिक्रिया

(c) द्विविस्थापन अभिक्रिया [JAC 2015 (A)]

उत्तर : (a) रेडॉक्स अभिक्रिया : ऑक्सीजन एवं अवकरण जब

साथ-साथ होती है उसे रेडॉक्स अभिक्रिया का जाता है।

जैसे- CuO + H₂ _____ताप→Cu + H₂O


(b) CaCO₃ + CaO + CO₂ ↑

यहाँ CaCO₃ का अपघटन CaO तथा CO₂ में होता है।


(c) Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄ + 2NaCl

यहाँ Na₂SO₄ एवं BaCl₂ दोनों का विस्थापन होता है।


               3 अंक स्तरीय प्रश्न

A. दिए गए चित्र का अवलोकन कीजिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए- [JAC 2016 (A)]



उत्तर : (i) सफेद चमकीला सिल्वर बनता है।

(ii)2AgCl ____प्रकाश→2Ag + Cl₂


2. दिए गए चित्र को देखिए और निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए। [JAC 2014(A), 2020 (A)]


(a) इस प्रयोग में किस यौगिक का निर्माण होगा? अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए।

(b) यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी है या ऊष्माशोषी?

उत्तर : (a) CaO + H₂O → Ca(OH)₂

इस प्रयोग से कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड का निर्माण होगा।

(b) यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।


3. दिए गए चित्र को देखिए और निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए।



(a) चित्र में किस प्रकार की अभिक्रिया दर्शायी गई है?

(b) एनोड तथा कैथोड पर प्राप्त होने वाले उत्पादों के नाम अथवा संकेत लिखिए। [JAC 2015 (A)]

उत्तर : (a) चित्र में विद्युत अपघटन अभिक्रिया दर्शायी गई है।

(b) एनोड पर ऑक्सीजन (O₂) तथा कैथोड पर हाइड्रोजन (H₂) बनता है।


4. दिए गए चित्र को देखिए और निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए।


(a) इसमें होनेवाली अभिक्रिया का नाम लिखें।

(b) क्या इस अभिक्रिया में कोई अवक्षेप भी बनता है? यदि हाँ, तो उसका रासायनिक सूत्र एवं रंग लिखिए। [JAC 2013 (A)]

उत्तर : (a) द्वि-विस्थापन अभिक्रिया।

(b) हाँ, बेरियम सल्फेट, BaSO₄ रंग सफेद।


5. दिए गए चित्र में मैग्नीशियम के फीते को जलता हुआ दिखाया गया है।


(a) (1) एवं (2) के नाम लिखिए।

(b) इसमें होने वाली अभिक्रिया का नाम लिखिए।

(c) अभिक्रिया के लिए संतुलित समीकरण लिखिए।

उत्तर : (a) (1) मैग्नीशियम फीता (2) Mgo

          (b) संयोजन

          (c) 2Mg + O₂→ 2Mgo


6. दिए गए चित्र में दानेदार किसी धातु से सल्फ्यूरिक अम्ल के किसी रूप से अभिक्रिया कराई गई है।


(a) (1), (2) एवं (3) का नाम लिखिए।

(b) अभिक्रिया के लिए संतुलित समीकरण लिखिए।

उत्तर : (a) (I) H, गैस (2) तनु (3) जिंक

(b) Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂


7. दिए गए चित्र में विस्थापन अभिक्रिया को दर्शाया गया है।


(a) (1) एवं (2) का नाम लिखिए।

(b) इसमें होने वाली अभिक्रिया का नाम लिखिए।

(c) अभिक्रिया के लिए संतुलित समीकरण लिखिए।

उत्तर : (a) (1) परखनली (2) लोहे की कील

(b) विस्थापन

(c) Fe + CuSO₄→ FeSO₄ + Cu


8. दिए गए चित्र में लेडनाइट्रेट को गर्म करने की क्रिया को दर्शाया गया है


(a) (1) एवं (2) का नाम लिखिए।

(b) इसमें होने वाली अभिक्रिया का नाम लिखिए।

(e) अभिक्रिया के लिए संतुलित समीकरण लिखिए।

उत्तर : (a) (1) चिमटा (2) बर्नर

      (b) वियोजन (c) 2Pb (NO₃)₂→2PbO+4NO₂ + O₂


9. कॉपर के लाल भूरे-चूर्ण को चित्रानुसार गर्म किया गया।


(a) (1) एवं (2) का नाम लिखिए।

(b) इसमें होने वाली अभिक्रिया का नाम लिखिए।

(C) अभिक्रिया के लिए संतुलित समीकरण लिखिए।

(d) उत्पाद की H₂ गैस से अभिक्रिया का समीकरण लिखिए।

उत्तर : (a) (1)CuO (2) बेसीन

          (b) संयोजन            

          (c) 2Cu +O₂ →2CuO

          (d) CuO + H₂ ____गर्म→ Cu + H₂O




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3. मानव नेत्र तथा रंग-बिरंगा संसार

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                      मानव नेत्र तथा रंग-बिरंगा संसार

                   

1. सामान्य आँख के लिए स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी क्या होती है

                                                             [jac 2019(a)

उत्तर : स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी का मान लगभग 25cm होता है


2. मानव नेत्र के उस भाग का नाम लिखिए जिस पर किसी वस्तु प्रतिबिम्ब बनता है।                                       

                                                          [jac 2017(a)

उत्तर : रेटिना


3. मानव नेत्र में किस प्रकार का लेंस रहता है? [jac 2018 (a), 2020 (

उत्तर : उत्तल लेंस


4. निकट दृष्टिदोष का कोई व्यक्ति 1.2 m से अधिक दूरी पर रखी वस्तु को सुस्पष्ट नहीं देख सकता। इस दोष को दूर करने के लिए प्रयुक्त संशोधन लेंस किस प्रकार का होना चाहिए

उत्तर : अवतल लेंस


5. मानव नेत्र अभिनेत्र लेंस की फोकस दूरी को समायोजित करके विभिन्न दूरियों पर रखी वस्तुओं को फोकसित कर सकता है। ये किसके का होता है

उत्तर : समंजन-शक्ति


6. स्पष्ट-दृष्टि की न्यूनतम दूरी का मान कितना होता है

उत्तर : 25 सेमी


7. कक्षा की अंतिम पंक्ति में बैठा छात्र बोर्ड पर लिखी गई विषय-वस्तु नहीं पढ़ सकता है। वह छात्र किस दृष्टि-दोष से पीड़ित है

उत्तर : निकट-दृष्टि दोष से


8. नेत्र-लेंस की फोकस-दूरी कम हो जाने पर कौन-सा दृष्टि-दोष उत्पति होता है

उत्तर : निकट-दृष्टि दोष


9. दीर्घ-दृष्टि दोष वाली आँख दूर की वस्तु को साफ-साफ देख सकती है या निकट की वस्तु को

उत्तर : दूर की वस्तु को


10. नेत्र के किस दोष को दूर करने के लिए अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है

उत्तर : निकट-दृष्टि दोष 


11. श्वेत प्रकाश के किस वर्ण का तरंगदैर्घ्य न्यूनतम होता है

उत्तर : बैंगनी


12. श्वेत प्रकाश के किस वर्ण का तरंगदैर्घ्य सर्वाधिक होता है

उत्तर: लाल


13. श्वेत प्रकाश के उसके अवयवी वर्णों (रंगों) में बँटने की घटना को क्या कहते हैं

उत्तर: प्रकाश का वर्ण-विक्षेपन


14. श्वेत प्रकाश की किरण जब किसी प्रिज्म से होकर गुजरती है कौन-सा वर्ण (रंग) सबसे अधिक विचलित (deviate) होता है

उत्तर : बैंगनी वर्ण ( रंग )


15. क्या कारण है कि आकाश का रंग नीला प्रतीत होता है

उत्तर : प्रकाश के प्रकीर्णन के का


16. क्या प्रकाश का वर्ण (रंग) प्रकाश के तरंगदैर्घ्य पर निर्भर करता है

उत्तर : हाँ, निर्भर करता है


17. किसी कोलॉइडीय विलयन में निलंबित कणों से प्रकाश के प्रकीर्णन किस प्रभाव के नाम से जाना जाता है

उत्तर: टिंडल प्रभाव


18. किसी माध्यम में छोटे कणों के निलंबन को क्या कहा जाता है

उत्तर : कोलॉ


19. अधिक तरंगदैर्घ्य के.प्रकाश का प्रिज्म द्वारा उत्पन्न विचलन कम होता है या अधिक

उत्तर : विचलन कम होता है


20. दूर दृष्टिदोष किस प्रकार के लेंस से दूर किया जा सकता है

उत्तर : उत्तल लेंस


21. निकट दृष्टिदोष किस प्रकार के लेंस द्वारा दूर किया जाता है

उत्तर : अवतल लेंस


22. परितारिका कहाँ होती है

उत्तर : कॉर्निया के पीछे


                           2 अंक स्तरीय प्र


1. नेत्र की समंजन क्षमता से क्या अभिप्राय है?  [jac 2019 (a

उत्तर : जब आँख अनन्त पर स्थित किसी वस्तु को देखती है तो नेत्र पर गिरने वाली समान्तर किरणें नेत्र-लेंस द्वारा रेटिना पर फोकस हो जाती है तथा नेत्र को वस्तु स्पष्ट दिखायी देती है। उस समय माँसपेशियाँ ढीली पड़ी रहती है तथा नेत्र-लेंस की फोकस दूरी सबसे अधिक होती है। जब नेत्र किसी समीप की वस्तु को देखता है तो माँसपेशियाँ सिकुड़कर लेंस के तलों की वक्रता-त्रिज्याओं छोटी कर देती हैं। इससे नेत्र-लेंस की फोकस-दूरी कम हो जाती है और वस्तु का स्पष्ट प्रतिबिंब पुनः रेटिना पर बन जाता है। नेत्र की इस प्रकार फोकस दूरी परिवर्तित करने की क्षमता को समंजन क्षमता कहते हैं


2. दृष्टि दोष क्या है? यह कितने प्रकार का होता है

उत्तर : सामान्य नेत्र से स्पष्ट दिखनेवाली वस्तु का स्पष्ट दिखाई नहीं पड़ना ही दृष्टि दोष कहलाता है। यह चार प्रकार का होता है- 

✅ दीर्घदृष्टि 

✅ लघुदृष्टि, 

✅ जरादृष्टि तथा 

✅ अबिंदुक





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2. विद्युत

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                                 3. विद्युत


1. उस युक्ति का नाम लिखिए जो किसी चालक के सिरों पर विभवांतर बनाए रखने में सहायता करती है? [JAC 2010 (A), 2012 (A)]

उत्तर : बैटरी।


2. विद्युत धारा द्वारा प्रदत्त ऊर्जा की दर का निर्धारण कैसे किया जाता है?

                                                      [JAC 2011(A)]

उत्तर : विद्युत शक्ति द्वारा।


3. विभवातंर का S.I. मात्रक लिखिए। [JAC 2019 (A)]

उत्तर : वोल्ट।


4. किसी विद्युत परिपथ में ऐमीटर को किस क्रम में संयोजित किया जाता है ?

                                                      [JAC 2015 (A)]

उत्तर : श्रेणीक्रम में।


5. किलोवाट-घंटा (kWh) किस राशि का मात्रक है?

                                      [JAC 2010 (S), 2016 (A)]

उत्तर : विद्युत ऊर्जा।


6. किसी विद्युत परिपथ में दो बिन्दुओं के बीच विभवांतर मापने के लिए वोल्टमीटर को किस प्रकार संयोजित किया जाता है? [JAC 2017(A)]

उत्तर : सामांतर क्रम।


7. विद्युत आवेश का S.I. मात्रक लिखिए।

                  [JAC 2009 (A), 2014 (A), 2020 (A)]

उत्तर : कूलम्ब।


8. विभवांतर मानने वाले यंत्र का नाम लिखिए। [JAC 2013 (A)]

उत्तर : वोल्टमीटर।


9. विद्युत धारा को किस यंत्र से मापा जाता है? [JAC 2018 (A)]

उत्तर : ऐमीटर।


10. विद्युत ऊर्जा का व्यावसायिक मात्रक क्या है? [JAC 2009 (S)]

उत्तर : किलो वाट घंटा (kWh)।


11. विद्युत धारा का S.I. मात्रक क्या है?

उत्तर : एम्पियर।


12. प्रतिरोध का मात्रक क्या है?

उत्तर : प्रतिरोध का मात्रक ओम (Ω) है।


13. प्रतिरोधकता का S.I. मात्रक क्या है?

उत्तर : प्रतिरोधकता का S.I. मात्रक ओम मीटर (Ω m) है।


14. विद्युत-शक्ति का S.I. मात्रक क्या है?

उत्तर : विद्युत शक्ति का S.I. मात्रक वाट है। वाट = वोल्ट × ऐम्पियर।


15. एम्पियर किसका मात्रक है?

उत्तर : विद्युत धारा का।


16. विद्युत धारा क्या है?

उत्तर : विद्युत आवेश के प्रवाह को विद्युत धारा कहते हैं।


17. 6 V बैटरी से गुजरने वाले हर एक कूलॉम आवेश को कितनी ऊर्जा दी जाती है?

उत्तर : ऊर्जा = आवेश x वोल्टेज =1× 6 = 6 जूल।


18. 1 इलेक्ट्रॉन का आवेश कितने कूलॉम के तुल्य होता है?

उत्तर : । इलेक्ट्रॉन का आवेश = 1.6 × 10⁻¹⁹ कूलॉम


19. 1 कूलॉम आवेश कितने इलेक्ट्रॉनों के आवेश के तुल्य होता है।

उत्तर : 1 कूलॉम आवेश = 1.6 ×10¹⁸ इलेक्ट्रॉन।


20. ओम किस राशि का मात्रक है?

उत्तर : प्रतिरोध का


21. विद्युत ऊर्जा का व्यावसायिक मात्रक क्या है?

उत्तर : किलोवाट घंटा (kWh)।


22. समानान्तर क्रम में जुड़े तीन प्रतिरोधों RI, R और R3 का तुल्य प्रतिरोध क्या होगा?

उत्तर: 1/R = 1/R₁ +1/R₂ + 1/R₃


23. एक किलोवाट-घंटा कितने जूल विद्युत ऊर्जा के समान होता है?

उत्तर : एक किलोवाट-घंटा = 36 लाख जूल।


24. विद्युत मोटर किस ऊर्जा को किस ऊर्जा में रूपान्तरित करता है।

उत्तर : विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में।


25. ओम के नियम में किसका मान अचर है?

उत्तर : प्रतिरोध व ताप


26. क्या विभव शून्य हो सकता है?

उत्तर : हाँ, अनावेशित वस्तु का विभव शून्य होता है। 


27. एक इलेक्ट्रॉन पर कितना कूलॉम आवेश होता है?

उत्तर : एक इलेक्ट्रॉन पर -1.6 x 10⁻¹⁹ कूलॉम आवेश होता है।


28. जूल प्रति कूलॉम (J/C) को क्या कहते हैं?

उत्तर : वोल्ट (संकेत V)


29. विद्युत हीटर में तार की कुंडली के लिए किस तत्त्व का व्यवहार किया जाता है?

उत्तर : नाइक्रोम का


30. एक किलोवाट घंटा कितने जूल के बराबर होता है?

उत्तर : 3.6 x 10⁶ जूल के


31. ऐमीटर तथा वोल्टमीटर में किसका प्रतिरोध अधिक होता है?

उत्तर : वोल्टमीटर का प्रतिरोध अधिक होता है।


32. वाट (W), वोल्ट (V) तथा ऐम्पियर (A) में क्या संबंध है?

उत्तर : वाट= वोल्ट × ऐम्पियर


33. विद्युत ऊर्जा का व्यवसायिक मात्रक (Board of Trade Unit) क्या होता है?

उत्तर: 1 BOT मात्रक = 1 kWh.


34. दिष्ट धारा के कुछ स्रोतों के नाम लिखें।

उत्तर : सेल, डी. सी. जनित्र।


                          3 अंक स्तरीय प्रश्न


1. विद्युत धारा क्या है? इसका समीकरण एवं मात्रक लिखें।

उत्तर : किसी सतह से प्रति एकांक समय में प्रवाहित कुल आवेश को विद्युत-धारा कहते हैं। यदि नेट आवेश Q का प्रवाह समय । में होता है, तो विद्युत-धारा I का मान है―

   I = Q/t.

विद्युत धारा का SI मात्रक ऐम्पीयर (A) है।


2. यह कहने का क्या तात्पर्य है कि दो बिंदुओं के बीच विभवांतर 1V है?

उत्तर : यदि 1 कूलम्ब आवेश को एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक ले जाने में किया गया कार्य 1 जूल हो तो उन दो बिन्दुओं के बीच का विभवांतर 1 वोल्ट

होता है।

1 वोल्ट = 1 जूल/1 कूलम्ब


3. किसी चालक का प्रतिरोध किन कारकों पर निर्भर करता है?

उत्तर : किसी चालक का प्रतिरोध निम्नलिखित बातों पर निर्भर करती है-

(i) चालक की लंबाई पर अर्थात् R ∝ l

(ii) चालक के अनुप्रस्थ परिच्छेद क्षेत्रफल पर अर्थात् R ∝ 1/A

(iii) चालक के प्रतिरोधकता पर अर्थात् R ∝ ρ

इस प्रकार, R = ρ l/A


1. विद्युत टोस्टरों तथा विद्युत इस्तरियों के तापन अवयव शुद्ध धातु के न बनाकर किसी मिश्रधातु के क्यों बनाए जाते हैं?

उत्तर : विद्युत टोस्टरों एवं विद्युत इस्तरियों के तापन अवयव नाइक्रोम का बना होता है। नाइक्रोम एक मिश्रधातु है जिसमें Ni = 60%, Cr = 12%, Mn =

2%, Fe = 26% उपस्थित रहता है।

ये तापन अवयव मिश्रधातु के बनाये जाते हैं, क्योंकि-

(i) मिश्रधातु की प्रतिरोधकता प्रायः उसके अवयवी धातु से अधिक होता है।

(ii) इस मिश्रधातु का गलनांक अधिक होता है।

(iii) यह लाल तप्त 800°C होने पर भी ऑक्सीकृत नहीं होता है।


5. श्रेणीक्रम में संयोजित करने के स्थान पर वैद्युत युक्तियों को पार्यक्रम में बैटरी से संयोजित करने के क्या लाभ हैं?

उत्तर : जब अनेक युक्तियों को पार्यक्रम संयोजन में संयोजित किया जाता है तो प्रत्येक युक्ति समान विभवांतर प्राप्त कर लेता है। इसलिए यदि कभी एक युक्ति बन्द या खराब भी हो जाती है तो अन्य युक्ति कार्य करती रहती है।

      लेकिन यदि उन सभी युक्तियों को श्रेणीक्रम संयोजन में संयोजित किया जाए तो सभी युक्तियाँ एक समान धारा प्राप्त कर लेती है। यदि एक भी युक्ति कार्य करना बन्द कर देता है तो परिपथ ही बन्द हो जाता है एवं सभी युक्तियाँ कार्य करना बन्द कर देती है।

अतः समांतर क्रम संयोजन में संयोजित करना लाभप्रद है।


6. किसी विद्युत हीटर की डोरी क्यों उत्तप्त नहीं होती जबकि उसका तापन अवयव उत्तप्त हो जाता है?

उत्तर : विद्युत हीटर में लगे तापन अवयव का प्रतिरोध, विद्युत हीटर की डोरी के प्रतिरोध की अपेक्षा काफी अधिक होता है। चूंकि किसी चालक में विद्युत धारा के प्रवाह के कारण चालक में उत्पन्न ऊष्मा, चालक के प्रतिरोध के समानुपाती होती है (H∝R, I तथा t नियत रहने पर), इसलिए हीटर का तापन अवयव तो उत्तप्त हो जाता है, परंतु हीटर की डोरी उत्तप्त नहीं होती है।


7. विद्युत लैंपों के तंतुओं के निर्माण में प्रायः एकमात्र टंग्स्टन का ही उपयोग क्यों किया जाता है?

उत्तर : टंगस्टन की प्रतिरोधकता उच्च है इसलिए यह विद्युत आवेश के कारण बिना बहुत अधिक गर्म हुए प्रकाश उत्पन्न कर सकता है। इसलिए प्रकाश देने वाले बल्बों में उनका प्रयोग किया जाता है। इसकी प्रतिरोधकता बहुत अधिक है और गलनांक 3300°C है। विद्युत धारा प्रवाहित करने से इसका तापमान 2700°C तक पहुँच जाता है।


8. विद्युत तापन युक्तियों जैसे ब्रेड-टोस्टर तथा विद्युत इस्तरी के चालक शुद्ध धातओं के स्थान पर मिश्रधातुओं के क्यों बनाए जाते हैं?

उत्तर : किसी मिश्रधातु की प्रतिरोधकता शुद्ध धातु की अपेक्षा अधिक होती है तथा तापमान के परिवर्तन के साथ मिश्रधातुओं की प्रतिरोधकता कम बदलती है। उनका शीघ्र ऑक्सीकरण नहीं होता और वे उच्च तापमान को सह सकते हैं।इन्हीं कारणों से टोस्टर और विद्युत प्रेस जैसे गर्म होने वाले उपकरणों में प्रयुक्त होने वाले चालकों में मिश्रधातुओं का प्रयोग किया जाता है।


9. घरेलू विद्युत परिपथों में श्रेणीक्रम संयोजन का उपयोग क्यों नहीं किया जाता है?

उत्तर : श्रेणीक्रम संयोजन में विद्युत-धारा के प्रवाह के लिए केवल एक ही पथ (परिपथ) होता है। यदि ऐसे परिपथ में लगे उपकरणों में से कोई एक उपकरण खराब हो जाए, तो परिपथ में विद्युत-धारा का प्रवाह रुक जाएगा। यही कारण है कि घरेलू विद्युत परिपथों में श्रेणीक्रम संयोजन का उपयोग नहीं किया जाता है।


10. विद्युत बल्ब में क्यों निष्क्रिय गैस भरी जाती है?

उत्तर : यदि विद्युत बल्ब में लगे फिलामेंट (तंतु) से हवा-माध्यम में विद्युत-धारा प्रवाहित की जाए तो यह हवा के ऑक्सीजन से ऑक्सीकृत होकर भंगुर हो जाएगा और टूट जाएगा। इसलिए फिलामेंट को टूटने से बचाने के लिए काँच के बल्ब के अंदर की हवा को निकालकर निष्क्रिय गैस भर दी जाती है। गैसों को निम्न दाब पर भरा जाता है जिससे कि संवहन द्वारा ऊष्मा की हानि न्यूनतम हो।


11. किसी सेल के विद्युत-वाहक बल और विभवांतर में अंतर स्पष्ट करें।

उत्तर : एकांक धनात्मक आवेश को बंद परिपथ का एक पूरा चक्कर लगाने के लिए सेल द्वारा किए गए कार्य (या दी गई ऊर्जा) को सेल का विद्युत-वाहक बल कहते हैं, जबकि बाह्य प्रतिरोध से होकर एकांक धनात्मक आवेश को भेजने में सेल द्वारा किए गए कार्य (या व्यय की गई ऊर्जा) को सेल का विभवांतर कहते हैं। विद्युत-वाहक बल और विभवांतर के मात्रक समान हैं। इनका SI मात्रक वोल्ट (volt, V) है।


12. विभव और विभवांतर में क्या अंतर है?

उत्तर : किसी आवेश के कारण उत्पत्र विद्युत-क्षेत्र में एकांक धनात्मक आवेश को अनंत (जहाँ पर विभव शून्य माना जाता है) से किसी बिंदु तक लाने में किए गए कार्य को उस बिंदु पर विभव कहते हैं। विभव का SI मात्रक वोल्ट (V) होता है। किसी आवेश के कारण उत्पत्र विद्युत-क्षेत्र में एकांक धनात्मक आवेश को

एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक लाने में किए गए कार्य को उन दो बिंदुओं के बीच विभवांतर कहते हैं। विभवांतर का भी SI मात्रक वोल्ट (V) होता है जो जूल प्रति कूलॉम (J/C) के बराबर होता है।


13. प्रतिरोध क्या है? इसका सूत्र (मान) एवं मात्रक लिखें।

उत्तर : किसी चालक के सिरों के विभवांतर एवं प्रवाहित धारा का अनुपात प्रतिरोध कहलाता है। यह धारा-प्रवाह के विरोध की माप होती है। यदि चालक के सिरों के बीच विभवांतर V तथा प्रवाहित धारा । हो, तो चालक के प्रतिरोध R का सूत्र (मान) है

                  R = V/l


इसका SI मात्रक ओम (Ω) होता है।


1Ω =1 V/1A


14. किसी विद्युत-परिपथ में लघुपथन कब होता है?

उत्तर : जब विद्युत परिपथ में तारों के ऊपर के विद्युतरोधी परत खराब या क्षतिग्रस्त हो जाते हैं तब वे आपस में संपर्क में आ जाते हैं। ऐसा होने पर परिपथ का प्रतिरोध लगभग शून्य हो जाता है और विद्युत-परिपथ में बहुत अधिक धारा प्रवाहित होने लगती है जिससे स्पार्क उत्पन्न हो सकता है। इसे लघुपथन कहते हैं।


15. विद्युत-परिपथ में अतिभारण का क्या अर्थ है?

उत्तर : यदि किसी विद्युत-परिपथ में लगे उपकरणों द्वारा खींची गई विद्युत-धारा, उस परिपथ में उपयोग में लाए गए तारों के महत्तम धारा प्रवाहित करने की क्षमता से अधिक हो जाती है तो अतिभारण उत्पन्न होता है। अतिभारण के कारण तार गर्म हो जाता है।


16. फ्यूज किस मिश्रधातु का बना होता है ? इसकी क्या विशेषता होती है?

उत्तर : फ्यूज (तार) जस्ता या लेड (सीसा) और टिन की मिश्रधातु का बना होता है। इसकी विशेषता ―फ्यूज़ (तार) की विशेषता यह होती है कि इसकी प्रतिरोधकता अधिक और गलनांक कम होता है। इसलिए, जब विद्युत परिपथ में अचानक विद्युत-धारा की प्रबलता आवश्यकता से अधिक बढ़ जाती है तब विद्युत-धारा से उत्पन्न अत्यधिक ऊष्मा फ्यूज के तार को पिघला देती है और विद्युत परिपथ टूट जाता है। इससे परिपथ में लगे विभिन्न उपकरण जलने से बच जाते हैं।


17. घरेलू विद्युत परिपथों में श्रेणीक्रम संयोजन का उपयोग क्यों नहीं किया जाता है?

उत्तर : श्रेणीक्रम संयोजन में विद्युत-धारा के प्रवाह के लिए केवल एक ही पथ (परिपथ) होता है। यदि ऐसे परिपथ में लगे उपकरणों में से कोई एक उपकरण खराब हो जाए, तो परिपथ में विद्युत-धारा का प्रवाह रुक जाएगा। यही कारण है कि घरेलू विद्युत परिपथों में श्रेणीक्रम संयोजन का उपयोग नहीं किया

जाता है।


18. घरेलू परिपथों में तारों की पार्श्व व्यवस्था का उपयोग क्यों किया जाता है? [JAC 2018 (A)]

उत्तर : घरेलू परिपथों में तारों की पार्श्व व्यवस्था का उपयोग करते हैं क्योंकि

(i) यह क्रमबद्ध एवं संतोषप्रद व्यवस्था है। (ii) प्रवाह अलग-अलग नहीं बँटता एवं सभी का अलग स्वीच होता है। विभवांतर बराबर होता है। (iii) कहीं तार गल या टूट जाती है तो संबद्ध स्विच ही काम नहीं करेगा। सारे स्विच काम करते

रहते हैं।


19. 2Ω,3Ω तथा 6Ω के तीन प्रतिरोधकों को किस प्रकार संयोजित करेंगे कि संयोजन का कुल प्रतिरोध (a) 11Ω, (b) 1Ω, (c) 4Ω हो?

                                                                          [JAC2016 (A)]

हल : माना R₁= 2Ω, R₂ =3Ω,R₃ =6Ω

(a) श्रेणीक्रम में संयोजन से कुल प्रतिरोध (R)

R= R₁+ R₂ + R₃ = 2+3+6 =11Ω


(b) समांतर क्रम में,

 R = 1/R₁+ 1/R₂ + 1/R₃ = 1/2+1/3+1/6 = 3+2+1/6 = 6/6 = 1

∴ R =1Ω


(c) R₂ तथा R₃ समांतर क्रम में तथा R₁ एवं (R₂ एवं R₃) श्रेणीक्रम

माना R₂ तथा R₃ का समतुल्य प्रतिरोध R₄ है।

∴ 1/R₄ = 1/R₂ + 1/R₃ = 1/3+1/6 = 2+1/6 ∴ R₄ = 2Ω

R₁+R₄ = 2+2= 4Ω.


20. 4Ω,8Ω, 12Ω तथा 24Ω प्रतिरोध की चार कुंडलियों को किस प्रकार संयोजित करें कि संयोजन से (a) अधिकतम (b) निम्नतम प्रतिरोध प्राप्त हो सके? [JAC 2009 (A)]

हल : (a) अधिकतम प्रतिरोध प्राप्त होने के लिए उन सभी प्रतिरोधों को श्रेणीक्रम संयोजन में जोड़ना होगा-

Rₛ = 4Ω+8Ω + 12Ω + 24Ω ∴ Rₛ = 48Ω.


(b) निम्नतम प्रतिरोध प्राप्त होने के लिए उन सभी प्रतिरोधों को समांतर क्रम में जोड़ना होगा-

1/Rₚ = 1/4+1/8+1/12+1/24 = 6+3+2+1/24 = 1/Rₚ = 12/24

∴ Rₚ = 2 Ω


21. 3Ω,6Ω तथा 9Ω प्रतिरोध के तीन प्रतिरोधकों को किस प्रकार संयोजित करेंगे कि संयोजन का कुल प्रतिरोध (a) 18Ω (b)18/11 Ω हो?

हल : यहाँ, R₁ =3Ω, R₂ =6Ω एवं R₃ = 9Ω

श्रेणीक्रम में, R=R₁ + R₂ + R₃ = 3 +6 + 9 =18Ω

पार्श्वक्रम में, 1/R = 1/3 + 1/6 +1/9 = 6+3+2/18 = 11/18

∴ R = 18/11Ω.


22. कोई विद्युत बल्ब 220 V के जनित्र से संयोजित है। यदि बल्ब से 0.50A विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो बल्ब की शक्ति क्या है ? [JAC 2012(A)]

हल : विद्युत बल्ब का प्रतिरोध, R = V/I = 220/0.50 = 22000/50

∴ R = 440Ω

∴ बल्ब की शक्ति, p = V²/R = 220 × 220/440 = 110W.


23. 40 तथा 162 के दो प्रतिरोधों को समांतर क्रम में जोड़ने पर समतुल्य प्रतिरोध की गणना कीजिए। [JAC 2017(A)]

हल : माना R₁ =4Ω तथा R₂ =16Ω

समांतर क्रम में जोड़ने पर, 1/R = 1/R₁+ 1/R₂ = 1/4+1/16 = 4+1/16 = 5/16

∴ समतुल्य प्रतिरोध = 16/5 3.2Ω


24. एक घर में 12W के 10 LED बल्ब एवं 75W के 5 पंखे लगे हैं।प्रतिदिन 10 घंटा उपयोग में लाये जाते हैं। फरवरी, 2020 का बिल तैयार कीजिए, यदि दर 6 रु. प्रति यूनिट हो।

हल : कूल वाट = 12 × 10 + 75 × 5 = 120 + 375 = 495 w

एक दिन में उपयुक्त विद्युत ऊर्जा = 495 × 10 = 4950 Wh

तो फरवरी 2020 में उपयुक्त विद्युत ऊर्जा

= 4950 × 29 = 143,550 Wh

143550/1000 kWh = 143.55 kWh

फरवरी माह का कुल बिल = 143.55 × 6 = 861.3 रु.


25. एक घंटे में 50 V विभवांतर से 96000 कूलॉम आवेश को स्थानांतरित करने में उत्पन्न ऊष्मा परिकलित कीजिए।

हल : दिया गया है―Q = 96000 C

t = 1h = 60 × 60 = 3600 sec,V =50 volt

उत्पन्न ऊष्मा, W = V × Q

                    = 50 × 96000 = 4800000 = 48 × 10⁵J.


26. कोई विद्युत मोटर 220V के विद्युत स्रोत से 5.0 A विद्युतधारा लेता है।मोटर की शक्ति निर्धारित कीजिए तथा 2 घंटे में मोटर द्वारा उपभुक्त ऊर्जा परिकलित कीजिए।

हल : यहाँ l = 5 A,V=220 volt,

t = 2 h = 2× 60 × 60 = 7200 sec

विद्युत शक्ति (P) =V × J = 220 × 5=1100 watt

उपभुक्त विद्युत ऊर्जा (W) =V × l × t

                                = 1100 × 2 × 60 × 60

                                 = 7920000 J.


27. किसी ताँबे के तार का व्यास 0.5mm तथा प्रतिरोधकता 1.6 × 10⁻⁸Ωm है। 10Ω प्रतिरोध का प्रतिरोधक बनाने के लिए कितने लंबे तार की आवश्यकता होगी? यदि इससे दो गुने व्यास का तार लें तो प्रतिरोध में क्या अंतर आएगा?

हल : तार का व्यास, D= 0.5 mm = 0.5 × 10⁻³ m

कॉपर का प्रतिरोधकता, ρ =1.6 × 10⁻⁸Ωm

इच्छित प्रतिरोध, R=10Ω




28. 9V की किसी बैटरी को 0.2Ω, 0.3Ω, 0.4Ω, 0.5Ω तथा 12Ω के प्रतिरोधकों के साथ श्रेणीक्रम में संयोजित किया गया है। 12Ω के प्रतिरोधक से कितनी विद्युतधारा प्रवाहित होगी?

हल : यहाँ, R₁ = 0.2Ω, R₂ = 0.3Ω R₃ = 0.4Ω, R₄ = 0.5Ω. R₅ = 12Ω

तथा V=9V.

चूँकि सभी प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में जुड़े हैं,

अतः इनका समतुल्य प्रतिरोध R = R₁ + R₂+ R₃ + R₄ + R₅

या, R= 0.2Ω+0.3Ω+ 0.4Ω+0.5Ω+ 12Ω= 13.4Ω.

बैटरी से ली गई विद्युत-धारा यदि l हो, तो

सूत्र V = IR से, l = V/R या, l = 9V/13.4Ω= 0.67A.

चूँकि सभी प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में संयोजित है, इसलिए प्रत्येक प्रतिरोधक से समान, अर्थात 0.67A की धारा प्रवाहित होगी।

अतः, 12Ω के प्रतिरोधक से प्रवाहित विद्युत-धारा = 0.67 A.


29. 176Ω प्रतिरोध के कितने प्रतिरोधकों को पांवक्रम में संयोजित करें कि 220 V के विद्युत स्रोत से संयोजन से 5A विद्युतधारा प्रवाहित हो?

हल : प्रतिरोधक में उत्पन्न ऊष्मा का मान जूल के तापन नियम,

H = I²Rt, से प्राप्त होता है।

प्रश्नानुसार, I = 5 A, R = 20Ω तथा t = 30 s. H = ?

मान रखने पर, H = (5 A)²(20Ω)(30s)

= 25×20×30 जूल = 15000 जूल

= 1.5 किलोजूल (kJ).

इस्तरी में उत्पन्न ऊष्मा 1.5 kJ है।










30. निम्नलिखित परिपथों में प्रत्येक में 2Ω प्रतिरोधक द्वारा उपभुक्त शक्तियों की तुलना कीजिए : 

(i) 6V की बैटरी से संयोजित 1Ω तथा 2Ω श्रेणीक्रम संयोजन 

(ii) 4V बैटरी से संयोजित 12Ω तथा 2Ω का पार्श्वक्रम संयोजन

हल : (i) क्योंकि 60 की बैटरी को 1Ω तथा 2Ω के प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम में संयोजित किया गया है इसलिए इसमें प्रवाहित विद्युत धारा

I = 6V/1Ω+2Ω = 6V/3Ω = 2A




33. किसमें अधिक विद्युत ऊर्जा उपभुक्त होती है-

250W का TV सेट जो एक घंटे तक चलाया जाता है अथवा 120 W का विद्युत हीटर जो 10 मिनट के लिए चलाया जाता है?

हल : 250 w के TV सेट द्वारा 1 घंटे में उपभुक्त ऊर्जा,

=250 w ×1h= 250 Wh

120 W के विद्युत हीटर द्वारा 10 मिनट में उपभुक्त ऊर्जा,

= 120 w × 1/6 h = 20 Wh

250 W के TV सेट में अधिक विद्युत ऊर्जा उपयुक्त होती है।


34. 8Ω प्रतिरोध का कोई विद्युत हीटर विद्युत मेंस से 2 घंटे तक 15A विद्युतधारा लेता है। हीटर में उत्पन्न ऊष्मा की दर परिकलित कीजिए।

हल : यहाँ, विद्युत हीटर का प्रतिरोध R= 8Ω. विद्युत धारा का मान I =

15A तथा धारा-प्रवाह का समय t = 2 घंटा =2×60×60ₛ = 7200s.

हीटर में उत्पन्न ऊष्मा की दर = ?

सूत्र से, उत्पन्न ऊष्मा H = I²Rt =15²×8×7200J.

∴ उत्पन्न ऊष्मा की दर =H/t= 225×8×7200J/7200ₛ= 1800w.

अतः, हीटर में उत्पन्न ऊष्मा की दर = 1800 W.


35. यदि एक बल्य से 2 मिनट तक 3A की विद्युत-धारा प्रवाहित की जाए,तो उसमें कितना आवेश प्रवाहित होगा?

हल : यहाँ, विद्युत-धारा I = 3A

तथा धारा के प्रवाह का समय t = 2 मिनट

= 2 × 60 सेकंड = 120 सेकंड,

प्रवाहित होनेवाला आवेश Q= ?

सूत्र Q = It से, Q= 3 A ×120 s = 360C.

अतः, प्रवाहित आवेश का परिमाण = 360C.


36. एक विद्युत-परिपथ में लगे ऐमीटर का पाठ्यांक 25A है। इस विद्युत-परिपथ में 12 C आवेश प्रवाहित होने में कितना समय लगेगा?

उत्तर : यहाँ, विद्युत-धारा I = 2.5A

तथा प्रवाहित आवेश का परिमाण Q= 12C.

समय t = ?

सूत्र Q= It से, t = Q/t=12C/2.5A = 4.8ₛ [∵ 1C/1A=1ₛ]

अतः, अभीष्ट समय = 4.8s.


37. 12 ओम तथा 4 ओम के दो चालकों को समांतरक्रम में जोड़ा गया है।इनके समतुल्य प्रतिरोध का मान निकालें।

उत्तर : यहाँ, R₁ = 12 ओम तथा R₂=4 ओम।

यदि चालकों को समांतरक्रम में जोड़ने पर समतुल्य प्रतिरोध R हो, तो


अतः, चालकों का समतुल्य प्रतिरोध = 3Ω.


38. निम्न चित्र में दर्शाए गए परिपथ के आधार पर निम्नलिखित को परिकलित कीजिए।



(a) प्रत्येक प्रतिरोधक में प्रवाहित धारा का मान।

(b) परिपथ में प्रवाहित कुल धारा का मान।

(c) परिपथ का कुल प्रभावी प्रतिरोधा [JAC 2014(A), 2010 (A)]

हल : (a) दर्शाए गए परिपथ में तीनों प्रतिरोधों का संयोजन समांतर (पार्श्वक्रम)

है। अतः प्रत्येक प्रतिरोध के लिए विभवान्तर का मान समान (V =12V) होगा।

∴ R₁ = 5Ω के प्रतिरोध में प्रवाहित विद्युत धारा



39. दिए गए चित्र के परिपथ आरेख में मान लीजिए प्रतिरोधकों R₁, R₂ तथा R₃ के मान क्रमशः 5Ω,10Ω, 30Ω हैं तथा इन्हें 12V की बैटरी से संयोजित किया गया है। गणना करें-



(a) प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रवाहित विद्युत धारा

(b) परिपथ में प्रवाहित कुल विद्युत धारा

(c) परिपथ का कुल प्रतिरोध। [JAC 2012 (A)]

हल : (a) प्रत्येक प्रतिरोध के लिए विभवांतर का मान समान (V) होगा

क्योंकि प्रतिरोधों का संयोजन समानान्तर क्रम में है।

(i) LM में जुड़े प्रतिरोध से प्रवाहित धारा, I₁ = V/R₁


(ii) PQ में जुड़े प्रतिरोध से प्रवाहित धारा, I₂ = V/R₂


(iii) ST में जुड़े प्रतिरोध से प्रवाहित धारा, I₃ = V/R₃



40. प्रतिरोध किसे कहते हैं ? 1Ω, 2Ω तथा 3Ω प्रतिरोध के तीन प्रतिरोधी श्रेणीक्रम में संयोजित हैं। इनका समतुल्य प्रतिरोध कितना होगा?

उत्तर : प्रतिरोध पदार्थ का वह गुण है जो धारा के प्रवाह में रुकावट डालता है। प्रतिरोध का SI मात्रक ओम (Ω) है।

श्रेणीक्रम संयोजन में R= R₁ + R₂ + R₃ = 1Ω+2Ω+3Ω = 6Ω

इसलिए, समतुल्य प्रतिरोध = 6Ω


41. 100 W के 5 विद्युत बल्य प्रतिदिन 6 घंटा जलते हैं। 20 दिन में कितनी विद्युत ऊर्जा खर्च होगी?

हल : बल्ब का वाट = 100 W, बल्ब की संख्या = 5

∴ कुल वाट = 100 × 5 = 500W

एक दिन में उपभुक्त विद्युत ऊर्जा = 500 × 6Wh = 3000 Wh

∴ 20 दिन में उपभुक्त विद्युत ऊर्जा

              = 20 × 3000 Wh= 60000 Wh

60000/1000 kWh = 60 kWh= 60 यूनिट।


42. एक विद्युत परिपथ में निम्नलिखित को किस क्रम में जोड़ा जाता है―

(i) ऐमीटर (ii) वोल्टमीटर (iii) गैल्वेनोमीटर।

उत्तर : (i) ऐमीटर ― श्रेणीक्रम में।

(ii) वोल्टमीटर ― समानान्तर क्रम में।

(ii) गैल्वेनोमीटर ― श्रेणीक्रम में।




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1. प्रकाश का परावर्तन तथा अपवर्तन

एक अवतल दर्पण की फोकस-दूरी 20 cm है। दर्पण के सामने 10 cm की दूरी पर एक वस्तु रखी है। प्रतिबिंब का स्थान ज्ञात करें। ( प्रकाश का परावर्तन तथा अपवर्तन )

 

 Jharkhand  board pariksha 10th class Hindi medium

Uttam Bediya founder of UID & New life technology  




                                   प्रकाश का परावर्तन तथा अपवर्तन

 



1. किसी शब्दकोष के छोटे अक्षरों को पढ़ने के लिए आप किस प्रकार के लेंस का उपयोग करते हैं?      

                                           [JAC2017(A)2019(A)]

उत्तर : आवर्धक (उत्तल) लेंस।


2. किसी दर्पण से आप चाहे कितनी ही दूरी पर खड़े हों आपका प्रतिबिंब सदैव सीधा प्रतीत होता है। संभवत: दर्पण है                                            [JAC2016(A)]

(a) केवल समतल 

(b) केवल अवतल

(c) केवल उत्तल 

(d) या तो समतल अथवा उत्तल

उत्तर : (c) केवल उत्तल


3. लेंस की क्षमता का S.I. मानक लिखिए। [JAC2013 (A)]

उत्तर : डाइऑप्टर।


4. वाहनों के अग्रदीपों में किस दर्पण का उपयोग किया जाता है?

                                         [JAC 2012 (A),2019(A)]

उत्तर : अवतल दर्पण।


5. वाहनों में पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में किस दर्पण का उपयोग किया जाता है? [JAC 2011 (A)]

उत्तर : उत्तल दर्पण।


6. एक गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या 20 cm है। इसकी फोकस दूरी क्या होगी? [JAC 2010 (A)]

उत्तर : 10 सेमी।


7. एक दर्पण की फोकस दूरी 10 सेमी है। दर्पण की वक्रता त्रिज्या ज्ञात कीजिए। [JAC 2015 (A)]

उत्तर : वक्रता त्रिज्या =2×10 = 20 सेमी।


8. उस उर्पण का नाम बताएँ जो बिंव का हमेशा काल्पनिक, सीधा तथा छोटा प्रतिबिंब बनाता है।

                                            [JAC 2020 (A)]

उत्तर : उत्तल दर्पण।


9. अवतल लेंस द्वारा किसी वस्तु का हमेशा किस प्रकार का प्रतिबिंब बनाता है? [JAC 2020 (A)]

उत्तर : वास्तविक एवं उल्टा


10. उस दर्पण का नाम बताइए जो बिंव का सीधा तथा आवर्धित प्रतिबिंब बनाता है। [JAC 2009 (S), 2010 (S)]

उत्तर : अवतल दर्पण।


11. गोलीय दर्पण की फोकस दूरी(f) और वक्रता त्रिज्या (R) के बीच संबंध को लिखिए। [JAC 2014(A)]

उत्तर : फोकस-दूरी (f) = वक्रता त्रिज्या (r)/2


12. उत्तल दर्पण का एक उपयोग लिखें।

उत्तर : मोटरगाड़ी में साइड मिरर या पश्चदर्शी के रूप में उत्तल दर्पण का उपयोग होता है।


13. अवतल दर्पण का एक उपयोग लिखें।

उत्तर : यह निकट रखी वस्तु का सीधा बड़ा तथा आभासी प्रतिबिंब बनाता है, इसलिए इसका उपयोग दाढ़ी बनाने के लिए किया जाता है।


14. समतल दर्पण में बनने वाले प्रतिबिंव की प्रकृति कैसी होती है?

उत्तर : आभासी (virtual), सीधा और वस्तु के आकार का


15. उस दर्पण का नाम बताइए जो किसी वस्तु का सीधा तथा आवर्धित प्रतिबिंब बना सके।

उत्तर : किसी वस्तु का सीधा तथा आवर्धित प्रतिबिंब अवतल दर्पण द्वारा बनता है।


16. मोटरकार की साइड मिरर के रूप में किस दर्पण का उपयोग किया जाता है―अवतल या उत्तल?

उत्तर : उत्तल


17. किन-किन दर्पणों द्वारा किसी वस्तु का आभासी प्रतिबिंब प्राप्त किया जा सकता है?

उत्तर : समतल, अवतल तथा उत्तल तीनों दर्पणों द्वारा।


18. संबंध f = R/2 किस प्रकार के दर्पण के लिए सत्य है–अवतल या उत्तल?

उत्तर : दोनों प्रकार के दर्पण के लिए सत्य है


19. प्रकाश के परावर्तन के कितने नियम हैं?

उत्तर : प्रकाश के परावर्तन के दो नियम हैं।


20. प्रकाश के अपवर्तन के कितने नियम हैं?

उत्तर : प्रकाश के अपवर्तन के दो नियम हैं। 












21. जब आपतन कोण 0° है, तो अपवर्तन कोण कितना होगा ?

उत्तर: 0°


22. क्रांतिक कोण के लिए अपवर्तन कोण का मान कितना होता है?

उत्तर : 90°


23. एक लेंस की क्षमता–5D है। यह किस प्रकार का लेंस है?

उत्तर: अवतल


24. लेंस की क्षमता का SI मात्रक क्या है?

उत्तर : डाइऑप्टर (1 D = 1 m⁻¹)


25. किसी लेंस की क्षमता का cgs मात्रक क्या होता है?

उत्तर : cm⁻¹


26. एक लेंस की क्षमता +2D है। यह किस प्रकार का लेंस है ?

उत्तर: उत्तल


27. किस लेंस को अपसारी लेंस कहते हैं?

उत्तर : अवतल लेंस को


28. लेंस से किसी वस्तु की दूरी, प्रतिबिंव की दूरी तथा लेंस की फोकस-दूरी f हो, तो इन तीनों में क्या संबंध है?

उत्तर : u,v तथा f में संबंध है― 1/v–1/u = 1/f


29. चेहरा देखने के लिए किस दर्पण का उपयोग करते हैं?

उत्तर : समतल दर्पण।


30. दाढ़ी बनाने के लिए किस दर्पण का प्रयोग करते हैं?

उत्तर : अवतल दर्पण।


31. विरल माध्यम से सघन माध्यम में गमन करने पर प्रकाश-किरण किधर मुड़ जाती है?

उत्तर : अभिलंब की ओर।


                            2 अंक स्तरीय प्रश्न


1. अवतल दर्पण में बनने हुए प्रतिविम्य का एक स्वच्छ किरण आरेख खीचें जब वस्तु को वक्रता केन्द्र पर रखा जाता है।

                            [JAC 2009 (A), 2015(), 2017(A)]

उत्तर:  



2. अवतल दर्पण में बनते हुए प्रतिबिंब को किरण-आरेख द्वारा दर्शाएँ जब वस्तु दर्पण के सामने ध्रुव एवं फोकस के बीच है। (JAC 2010(A)

उत्तर:





3. किसी अवतल दर्पण में अनंत और वक्रता केन्द्र के बीच रखी वस्तु के प्रतिबिंव का निर्धारण एक स्वच्छ किरण आरेख द्वारा करें।

उत्तर:





4. अवतल दर्पण में बनते हुए प्रतिबिंव का एक स्वच्छ किरण आरेख खींचिए, जब वस्तु को फोकस एवं वक्रता केन्द्र के बीच रखा जाता है।

                                                           [JAC 2019 (A)]

उत्तर:





5. यदि कोई विंव अवतल लेंस के सम्मुख F तथा 2F के बीच रखा हो तो किरण आरेख द्वारा प्रतिविम्ब की स्थिति को दिखाएँ।

उत्तर:





6. उत्तल लेंस मे बनते हुए प्रतिबिंब का एक स्वच्छ किरण आरेख खींचिए जव वस्तु को प्रकाश केन्द्र और फोकस के बीच रखा जाता है।

         [JAC 2009 (S), 2013(A), 2016 (A), 2020 (A)]

उत्तर :





7. उत्तल लेंस से किस दूरी पर एक वस्तु को मुख्य अक्ष पर रखा जाए। समान आकार (साइग) का वास्तविक प्रतिबिंब बने? इसे किस आरेख द्वारा दर्शाएँ।

उत्तर:





8. उत्तल लेंस में फोकस-दूरी और दुगुनी फोकस-दूरी के बीच रखीवर का प्रतिबिंब कैसा बनेगा? किरण आरेख खींचकर बताएँ।

उत्तर:





9. दिए गए आकृति में वस्तु AD के बनते हुए प्रतिबिंव को किरण ओरख द्वारा दर्शाएँ। 

                                    [JAC 2010,15), 2014(A)]

उत्तर:





10. नीचे दिए गए आरेख को उसके आगे दिए गए जगह में खींचकर उपयुक किरणों की सहायता से बिंव AB का प्रतिबिंब बनाना दिखाएँ। [JAC 2011(A)]

उत्तर:





11. गोलीय दर्पण के आवर्धन से आप क्या समझते हैं?

उत्तर : गोलीय दर्पण द्वारा बने प्रतिबिंब का आकार (साइज) वस्तु के आकार से अधिकतर भिन्न होता है। कुछ स्थितियों में प्रतिबिंब वस्तु की अपेक्षा बड़ा और कुछ स्थितियों में छोटा होता है। धनात्मक


12. अवतल दर्पण का आवर्धन धनात्मक होता है या ऋणात्मक।

उत्तर : अवतल दर्पण का आवर्धन धनात्मक (+ ve) तथा ऋणात्मक (– ve) दोनों हो सकता है। वास्तविक प्रतिबिंब के लिए आवर्धन ऋणात्मक तथा आभासी प्रतिबिंब के लिए आवर्धन धनात्मक होता है।


13. गोलीय दर्पण की वक्रता-त्रिज्या से आपका क्या तात्पर्य होता है?

उत्तर : दर्पण जिस खोखले गोले का भाग है उस गोले की त्रिज्या को दर्पण की वक्रता त्रिज्या कहते हैं। दूसरे शब्दों में दर्पण के ध्रुव एवं वक्रता केन्द्र तक की दुरी को वक्रता त्रिज्या कहते है। इसे प्रायः R से सूचित किया जाता है।


14. एक समतल दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन +1 है। इसका क्या अर्थ है?

उत्तर : समतल दर्पण द्वारा उत्पन्न +1 आवर्धन का अर्थ यह है कि प्रतिबिंब का साइज, वस्तु के साइज के बराबर है तथा आवर्धन का धनात्मक चिह्न इस बात का द्योतक है कि प्रतिबिंब वस्तु के सापेक्ष सीधा है।


15. प्रकाश के परावर्तन से आप क्या समझते हैं? इसके नियमों को लिखें।

उत्तर : एक प्रकाश किरण का किसी सतह से टकराने के उपरांत आपाती माध्यम (या निर्वात) में ही लौट जाना प्रकाश का परावर्तन कहलाता है।

प्रकाश के परावर्तन के दो नियम है―

(i) आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिंदु पर खींचा गया अभिलंब तीनों एक ही समतल में होते हैं।

(ii) आपतन कोण (i) एवं परावर्तन कोण (r) एक-दूसरे के बराबर होते हैं।

 चित्र में किरण AO, किरण OB तथा अभिलंब ON एक ही तल में हैं तथा ∠i = ∠r है।





16. प्रकाश के अपवर्तन के कितने नियम हैं? उन्हें लिखें।

उत्तर : प्रकाश के अपवर्तन के दो नियम हैं।

(i) आपतित किरण, अपवर्तित किरण तथा आपतन-बिंदु पर खींचा गया अभिलंब तीनों एक ही समतल में होते हैं।

(ii) प्रकाश किरण के आपतन कोण की ज्या (sine) तथा अपवर्तन कोण की ज्या (sine) का अनुपात एकं नियतांक होता है।


17. हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है। इस कथन का क्या अभिप्राय है?

उत्तर : हीरे में प्रकाश की चाल निर्वात में चाल की 1/2.42 गुनी है। इसका क्रांतिक कोण C, sinC = 1/2.42 से प्राप्त होगा जो छोटा है। अतः, इसकी सतह पूर्ण आंतरिक परावर्तन के लिए ज्यादा उचित है।


18. काँच के पट्टिका (slab) के भीतर से अपवर्तन दिखाने के लिए एक किरण आरेख खींचें।

उत्तर : चित्र में काँच की पट्टिका के भीतर से अपवर्तन दिखाया गया है। ABCD काँच की एक पट्टिका है। PO आपतित किरण, OO' अपवर्तित किरण और O'R विपरीत किरण है।






19. लेंस की क्षमता किसे कहते हैं? इसका SI मात्रक क्या है?

उत्तर : प्रकाश-किरण को मोड़ने की लेंस की शक्ति को लेंस की क्षमता कहते हैं और इसे लेंस की फोकस-दूरी के व्युत्क्रम द्वारा व्यक्त किया जाता है। अर्थात, 

लेंस की क्षमता (P) = 1/फोकस-दूरी(f)  

या P = 1/f .जब f मीटर में व्यक्त होता है तब डाइऑप्टर में व्यक्त होता है। लेंस की क्षमता का SI मात्रक m⁻¹ होता है। [1 D= 1 m⁻¹ ]


20. हम वाहनों में उत्तल दर्पण को पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में वरीयता क्यों देते हैं?

उत्तर : वाहनों (जैसे मोटरसाइकिल, मोटरकार या स्कूटर आदि) में उत्तल दर्पण को पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में वरीयता निम्नलिखित कारणों से देते हैं―

(i) उत्तल दर्पण किसी वस्तु का हमेशा सीधा प्रतिबिंब बनाता है, तथा

(ii) इस दर्पण से विस्तृत दृष्टि-क्षेत्र का छोटा-सा प्रतिबिंब बनता है।


                              3 अंक स्तरीय प्रश्न


1.  5 cm लंबाई का कोई विंब 30 cm वक्रता-त्रिज्या के उत्तल दर्पण के सामने 20 cm दूरी पर रखा गया है। प्रतिबिंव की स्थिति, प्रकृति तथा आकार बताइए। 

                                                  [JAC 2018 (A)]






प्रतिबिंब दर्पण के पीछे 60/7 cm पर बनेगा

इसकी प्रकृति काल्पनिक एवं सीधा तथा आकार 2.14 cm होगा।


2. 15 cm फोकस-दूरी के किसी उत्तल दर्पण से कोई वस्तु 10 cm की दूरी पर रखी है। प्रतिबिंब की स्थिति तथा प्रकृति ज्ञात करें।

हल : यहाँ, उत्तल दर्पण की फोकस-दूरी f = +15cm तथा दर्पण से वस्तु

की दूरी = –10 cm (वस्तु दर्पण के बाई ओर है)।



धनात्मक चिह्न बताता है कि प्रतिबिंब दर्पण के पीछे, अर्थात दाईं ओर

बनता है। यह प्रतिबिंब आभासी है।

अतः, प्रतिबिंब दर्पण से 6 cm की दूरी पर बनता है और यह आभासी होगा।


3. 7.0 cm साइज का कोई बिंब 18 cm फोकस दूरी के किसी अवतल दर्पण के सामने 27 cm की दूरी पर रखा गया है। दर्पण से कितनी दूरी पर किसी परदे को रखें कि उस पर वस्तु का स्पष्ट फोकसित प्रतिबिंब प्राप्त किया जा सके। प्रतिबिंब का साइज तथा प्रकृति ज्ञात कीजिए।

हल : दिया गया है : वस्तु की ऊँचाई (h₁) = 7cm

फोकस दूरी (f)=–18 cm; वस्तु दूरी (u) = – 27 cm

प्रतिबिम्ब दूरी (v) = ?; प्रतिबिम्ब की ऊँचाई (h₂) = ?

दर्पण सूत्र से हम जानते हैं कि ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि प्रतिबिम्ब उल्टा है।



4. 5cm लंबा कोई बिंब 10 cm फोकस दूरी के किसी अभिसारी लेंस से 25cm दूरी पर रखा जाता है। प्रकाश किरण-आरेख खींचकर बनने वाले प्रतिबिंब की स्थिति, साइज तथा प्रकृति ज्ञात कीजिए। [JAC 2019 (A)]

हल: वस्तु की ऊँचाई h₁ = 5 cm

वस्तु दूरी u =–25 cm

फोकस दूरी f = 10 cm

प्रतिबिम्ब दूरी v=?

प्रतिबिम्ब का आकार h₂ = ?

लेंस सूत्र से हम जानते हैं कि




चूँकि प्रतिबिम्ब की दूरी धनात्मक है इसलिए प्रतिबिम्ब लेंस के दूसरी तरफ बनता है।ऋणात्मक चित्र दर्शाता है कि प्रतिबिंब उल्टा है।



5. 7.0 cm साइज का कोई बिंब 18 cm फोकस दूरी के किसी अवतल दर्पण के सामने 27 m की दूरी पर रखा गया है। दर्पण से कितनी दूरी पर किसी परदे को रखें कि उस पर वस्तु का स्पष्ट फोकसित प्रतिबिंब प्राप्त किया जा सके। प्रतिबिंब का साइज तथा प्रकृति ज्ञात कीजिए।

हल : वस्तु की ऊँचाई (h) = 7 cm

फोकस दूरी (f) =–18 cm

वस्तु दूरी (u) =–27 cm

प्रतिबिम्ब दूरी (v) =?

प्रतिबिम्ब की ऊँचाई (h) = ?

दर्पण सूत्र से हम जानते हैं कि



ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि प्रतिबिम्ब उल्टा है।


6. एक अवतल लेंस की फोकस-दूरी 15 cm है। इससे किसी वस्तु का प्रतिबिंब लेंस से 10 cm की दूरी पर बनता है। लेंस से वस्तु की दूरी निकालें एवं किरण आरेख खींचें।

हल : यहाँ, लेंस की फोकस-दूरी f =–15 cm (अवतल लेंस) तथा लेंस से

प्रतिबिंब की दूरी v=–10cm (चूँकि अवतल लेंस से आभासी प्रतिबिंब बनता है)।

यदि लेंस से वस्तु की दूरी u हो, तो 



यहाँ, ऋणात्मक चिह्न यह बताता है कि प्रतिबिंब लेंस के बाईं ओर है।

लेंस से वस्तु = 30 cm.

किरण आरेख―



7. उस लेंस की फोकस-दूरी ज्ञात करें जिसकी क्षमता–2D है। यह किस प्रकार का लेंस है?

चूँकि फोकस-दूरी का मान ऋणात्मक है, इसलिए लेंस अवतल है।

अतः, अवतल लेंस की फोकस-दूरी = 50 cm. 


8. कोई डॉक्टर +1.5D क्षमता का संशोधक लेंस निर्धारित करता है। लेंस की फोकस-दूरी ज्ञात करें। क्या निर्धारित लेंस अभिसारी है अथवा अपसारी?

यहाँ, धनात्मक चिह्न से पता चलता है कि लेंस अभिसारी है।

अतः, लेंस की फोकस दूरी 67 cm है और यह अभिसारी लेंस है।


9. एक लेंस की क्षमता +2.5 D है। लेंस की फोकस-दूरी कितनी है? क्या यह लेंस अवतल है या उत्तल?



अतः, लेंस की फोकस-दूरी 40 cm है। चूंकि फोकस-दूरी धनात्मक है, इसलिए लेंस उत्तल है।


10. एक अवतल दर्पण से 10 cm की दूरी पर रखी वस्तु का 4 गुना आवर्धित और वास्तविक प्रतिबिंब बनता है। दर्पण से प्रतिबिंब की दूरी नकालें।

हल : यहाँ, वस्तु-दूरी u = –10 cm (वस्तु दर्पण के बाई ओर है)

फिर, चूँकि प्रतिबिंब वास्तविक है, अत: उलटा है,

अत: आवर्धन m = –4.

.: आवर्धन के सूत्र m = –v/u से,


y = –mu = –(–4)(–10 cm) = –40 cm.


(v के ऋणात्मक मान से स्पष्ट है कि प्रतिबिंब दर्पण के सामने, अर्थात बाईं ओर बनता है।)

अतः, प्रतिबिंब दर्पण के सामने उससे 40 cm की दूरी पर बनता है।


11. एक उत्तल दर्पण से 20 cm की दूरी पर एक वस्तु रखी है। इसका प्रतिबिंब दर्पण से 12 cm की दूरी पर दर्पण के पीछे बनता है। दर्पण की फोकस-दूरी निकालें।

हल : यहाँ, वस्तु-दूरी u = –20 cm (वस्तु दर्पण के बाईं ओर है),

प्रतिबिंब-दूरी v = +12 cm (प्रतिबिंब दर्पण के पीछे, दाईं ओर बना है).



अतः, उत्तल दर्पण की फोकस-दूरी = 30 cm.


12. एक अवतल दर्पण की फोकस-दूरी 20 cm है। दर्पण के सामने 10 cm की दूरी पर एक वस्तु रखी है। प्रतिबिंब का स्थान ज्ञात करें।

हल : यहाँ, दर्पण की फोकस दूरी f=–20 cm (अवतल दर्पण) तथा वस्तु की दूरी u =–10 cm (वस्तु दर्पण के बाईं ओर है)। यदि दर्पण से प्रतिबिंब की दूरी v हो, तो


v के धनात्मक मान से स्पष्ट है कि प्रतिबिंब दर्पण के दाईं ओर, अर्थात दर्पण के पीछे बनता है।

अतः, प्रतिबिंब अवतल दर्पण के पीछे 20 cm पर बनता है।


13. एक अवतल दर्पण से 20 cm की दूरी पर एक वस्तु रखी गई है। इस वस्तु का दर्पण से 40 cm की दूरी पर वास्तविक प्रतिबिंब प्राप्त होता है।

दर्पण की फोकस-दूरी निकालें।

हल : यहाँ, वस्तु-दूरी u = –20 cm (वस्तु दर्पण के बाईं ओर है) तथा प्रतिबिंब की दूरी v = –40 cm (चूँकि प्रतिबिंब वास्तविक है, इसलिए दर्पण के सामने बाईं ओर है)।

यदि अवतल दर्पण की फोकस-दूरी f हो, तो दर्पण-सूत्र 1/v + 1/u = 1/f से,


अतः, अवतल दर्पण की फोकस-दूरी = 13.33 cm.


14. एक अवतल लेंस से 50 cm की दूरी पर रखी एक वस्तु का प्रतिबिंब लेंस से 20 cm की दूरी पर बनता है। लेंस की फोकस-दूरी निकालें।

हल : यहाँ, लेंस से वस्तु की दूरी u=–50 cm (चूँकि वस्तु लेंस के बाई ओर है) तथा लेंस से प्रतिबिंब की दूरी v =–20 cm (चूंकि प्रतिबिंब वस्तु के ओर ही बनता है), लेंस की फोकस-दूरी f =?


अतः, अवतल लेंस की फोकस दूरी = 33.3 cm.


15. एक उत्तल लेंस से 30 cm की दूरी पर एक वस्तु रखी है जिसका वास्तविक प्रतिबिंब लेंस से 20 cm की दूरी पर बनता है। लेंस की फोकस-दूरी ज्ञात करें।

हल : यहाँ, वस्तु की दूरी u=–30 cm (चूँकि वस्तु लेंस के बाईं ओर है)

तथा प्रतिबिंब की दूरी v = +20 cm (चूँकि प्रतिबिंब वास्तविक है, अतः यह लेंस के दाईं ओर है), उत्तल लेंस की फोकस-दूरी f = ?

अतः, उत्तल लेंस की फोकस-दूरी = 12 cm.


16. एक अवतल (अपसारी) लेंस से 30 cm की दूरी पर रखी एक वस्तु का प्रतिबिंब, वस्तु के ओर ही 10 cm पर बनता है। लेंस की फोकस-दूरी निकालें।

हल : यहाँ, वस्तु-दूरी u=–30 cm (वस्तु लेंस के बाईं ओर) तथा प्रतिबिंब-दूरी v =–10cm (प्रतिबिंब आभासी है, क्योंकि वस्तु के ओर ही बनता है)।

लेंस की फोकस-दूरी f= ?


अतः, अवतल (अपसारी) लेंस की फोकस-दूरी = 15 cm.


17. एक उत्तल लेंस की फोकस-दूरी 50 cm है। उसकी क्षमता कितनी होगी?

हल : यहाँ, उत्तल लेंस की फोकस-दूरी


अतः, उत्तल लेंस की क्षमता = +2 D.


                                         

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